प्रश्नोत्तर P23-0187 · भाग 23
गुरु जी, धर्म बड़ा या देश बड़ा?
धर्म की परिभाषा तो समझो — परोपकार धर्म है। और लोगों से देश है, देश से लोग नहीं हैं, इस बात को समझिए। जब लोग ही गलत हो जाएंगे तो देश गया। तो सबसे पहले लोग, और लोग क्या कर्म कर रहे हैं — उससे देश है, उससे देश का बल है। जैसे लोग, वैसा देश। लोग मान के लिए कुछ भी बोल देते हैं कि देश पहले, बड़ा — अरे, जब लोग ही नहीं रहेंगे तो देश कहां है? लोगों को हटा दिया जाए तो देश क्या है — जमीन का टुकड़ा। देशवासियों से देश है, फिर देशवासी क्या कर रहे हैं उसका महत्व है; धार्मिक होंगे तो देश धार्मिक कहलाएगा, बड़ा होगा।
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वीडियो: साधक की दिनचर्या क्या होनी चाहिए ? / दिनचर्या साधक की #livesatsang · 2025-03-12