आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P24-0006 · भाग 24

गुरु जी, तो आपके कहने का मतलब है कि एक सत्ता है और उसके सब अंश हो गए?

अंश नहीं — अंश अलग हो जाता है। यह अलग नहीं है, उससे है। जैसे लाइट से प्रकाश है, उजाला है — क्या यह उजाला लाइट से अलग है? इसमें बल्ब नहीं है, लेकिन उजाला उसी से है। वैसे ही उससे सब है, उससे अनंत आत्माएं हैं। वे टुकड़े नहीं हैं — टुकड़े हम मान बैठे हैं, हम अलग-अलग मान गए इसलिए तो भटक रहे हैं; और सबका कर्मों का काउंट अलग है, कर्म के हिसाब से सब भोग रहे हैं।

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वीडियो: साधना में ध्यान रखने योग्य विशेष ज्ञान / #योगीजी_का_सत्संग #साधना #ध्यान #ज्ञान · 2024-08-01