आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P24-0012 · भाग 24

गुरु जी, जो गटर नर्मदा में मिल गया, वह फिर क्या कहेगा — कि मैं नर्मदा हो गया?

वह यह नहीं कह सकता कि मैं नर्मदा हो गया; उनकी वजह से तो वह पवित्र हुआ — बस यही कहेगा कि मैं भी पवित्र हो गया। और मिलने के बाद वह बोलेगा भी नहीं, मिट जाएगा, फिर बोलने के लिए कुछ रहेगा ही नहीं। इसीलिए पहुंचो, तब पता चल जाएगा क्या है। हम आधी-अधूरी बात समझ पाते हैं — अध्ययन करते हैं, अनुसरण नहीं कर पाते। एक बालक को शिक्षक अच्छा पढ़ाए और एक बालक गाइड लेकर कमरे में पढ़े, तो समाज में काम वही कर पाएगा जिसने शिक्षक के सानिध्य में सीखा; गाइड वाले के पास उदाहरण खूब होंगे लेकिन काम नहीं कर पाएगा। किताबों में सब लिखा है, बस तरीका नहीं लिखा। जिसने किताब का अध्ययन किया और किसी गुरु के शरण में रहकर अनुसरण नहीं किया, वह अहम भाव धारण करके कि मैं ब्रह्म हूं, बैठ जाता है, और उसकी यात्रा अधूरी रह जाती है।

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वीडियो: साधना में ध्यान रखने योग्य विशेष ज्ञान / #योगीजी_का_सत्संग #साधना #ध्यान #ज्ञान · 2024-08-01