प्रश्नोत्तर P24-0198 · भाग 24
गुरु जी, आपने कई प्रवचनों में कहा है कि 'कुछ नहीं' की स्थिति में आ जाओ। तो क्या सांसारिक जीवन में यह संभव है? जैसे मैं सोच लूं कि अपने लिए कहीं नहीं जाना, कुछ नहीं करना?
पहले अपने लिए जा रहे थे, अब लोगों के लिए जाओ। लेकिन क्या सच में जिससे बात कर रहे हो, उसी के लिए बात कर रहे हो — देख लेना। और फिर लोगों के लिए जाना भी छूट जाए — कुछ नहीं। लोग भी गए, कामनाएं भी गईं, सब कुछ गया, औरों के लिए जाना भी गया। फिर क्या स्थिति होती है? आ जाओ इसमें, एक बार इसको करके देखो। आप सोचते हो जीवन है तो कुछ ना कुछ तो होगा आपसे — कुछ नहीं में आ जाओ, एक बार करके देखो।
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वीडियो: मोह और प्रेम गलत है या सही ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-16