प्रश्नोत्तर P29-0042 · भाग 29
गुरु जी, मेरे मन में तो यही है कि मेरा कल्याण हो — क्या इतना काफ़ी है?
देख, यह कर्म भूमि है। अगर एक पत्थर उठा के इधर से उधर करना है, तो कोई करने वाला चाहिए; ऐसे नहीं होने वाला। मन में होने से क्या होगा? मन में रहने से परिणाम थोड़ी ना आएगा, परिणाम तो करने में आएगा। मैं कल्याण चाहती हूं, मेरे मन में है, लेकिन कर कुछ और रही हूं — तो परिणाम तो उसका आएगा जो तू कर रही है। जिसके लिए तू काम कर रही है, परिणाम उसी का भविष्य में आने वाला है। तो देख, तू कर क्या रही है।
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वीडियो: 38 सुबह अपनों की कुटिया हरियाणा यमुना तट #योगी · 2026-10-31