आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P29-0049 · भाग 29

गुरु जी, आपने बताया था कि किसी भी मार्ग से चलते हैं तो आखिर में हठ योग पर पहुंच जाते हैं — क्या साधक की ऐसी स्थिति धीरे-धीरे अपने आप आ जाती है?

अपने आप आती है। जैसे मान लीजिए आपने किसी से एक गिलास पानी मांगा, इंतजार किया, फिर मांगा, फिर मांगा — अब हठ योग में आ गए: चल हट, मैं लेके पी लूंगा। लेकिन हठ योग के लिए ताकत चाहिए; ताकत है तो आ जाती है, ताकत नहीं है तो पीछे मुड़ जाओगे, उसी पे पड़े रहोगे — ला दे, ला दे। अपनी कमजोरी को दूर करो। पूछते-पूछते जब साधक थक जाता है, आशा-निराशा सब हाथ लगते-लगते देखता है कि समय चला जाता है, कुछ भी नहीं — तो अब रहना भी क्यों? वह स्थिति कोई साधारण बात नहीं है; वह भाव बनाया नहीं जा सकता।

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वीडियो: गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु का क्या कर्तव्य है शिष्य के प्रति / #योगीजी_का_सत्संग #गुरु #पूर्णिमा · 2024-07-21