प्रश्नोत्तर P29-0080 · भाग 29
गुरु जी, उस समय आप क्या चिंतन करते थे? आपकी साधना क्या थी?
बस यही साधना थी कि मुझे आत्मज्ञान कैसे हो जाए — यही चिंतन चलता रहता था कि मैं क्या करूं कि मुझे आत्मज्ञान हो जाए, जिसके लिए मैं निकला हूं; मुझे आत्मज्ञान के अलावा कुछ भी नहीं चाहिए। 2011 में ही आश्रम के ऑफर आए — चाहता तो 2011 में कई आश्रम बना लेता। लेकिन मैंने कहा, जब तक मुझे ज्ञान नहीं होगा तब तक मैं कुटिया भी नहीं बनाऊंगा। और मैं भ्रमण करता रहा, इसी आस में कि कोई मिले और मुझे आत्मज्ञान करवा दे।
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वीडियो: 27 सुबह अपनों की कुटिया हरियाणा यमुना तट #योगी · 2026-10-20