प्रश्नोत्तर P29-0082 · भाग 29
गुरु जी, घाट पर जो कुछ लोग पूजा या तंत्र साधना करते हैं — क्या यह सही है?
इसके चक्कर में पड़ो मत; तुम इसकी बात ही मत करो। तुम तो बस यह देखो कि मैं कैसे निकल जाऊं, मेरा उद्धार कैसे हो जाए, मैं उस परम स्थिति को कैसे उपलब्ध हो जाऊं — जैसे समाज में संत हुए, रामकृष्ण परमहंस, बुद्ध, कबीर, महावीर, मीराबाई, नरसिंह मेहता, ज्ञानेश्वर जी, रमण महर्षि — ऐसे लोगों की बात करो कि मैं उसी स्थिति में कैसे पहुंचूं। रामकृष्ण परमहंस ने खुद कहा सिद्धियां नर्क का द्वार हैं, और मेरा भी व्यक्तिगत अनुभव है — नर्क का द्वार ही है। इसके चक्कर में ना पड़ के, मेरा आत्मिक कल्याण कैसे हो जाए, उसके लिए समय दो।
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