आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P29-0096 · भाग 29

गुरु जी, पहले घर में गलती पर मार पड़ती थी तो तीन दिन डर लगता था; अब बच्चे को मार दो तो उल्टा हमें डर लगता है। ऐसा क्या कारण बना?

क्योंकि हमारे मात-पिता ईमानदार थे, इसलिए डर लगता था। हम उनके सामने खड़े होने में कांपते थे क्योंकि वो संस्कारी थे, चरित्रवान थे — और हम गड़बड़ हो गए। नहीं तो गड़बड़ आदमी के सामने कौन कांपेगा? आप पैसे से ताकतवर हो गए ना, लेकिन गड़बड़ी हमारी है, उनकी नहीं। आप अपने पिता के सामने कांपते थे तो आपके पिता ने ऐसी जिंदगी जी है। आपने अपने पिता का जीवन देखा — जिस संस्कार में वो जिए, जिस शांतिपूर्वक उन्होंने कम में जिया, ईमानदारी से जिया; अब देखो आपका जीवन कैसा है — उसी संस्कार में, ईमानदारी में, कि बेईमानी में, झूठ में चले गए? एकदम ईमानदारी से इसका जवाब देखो।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: #अहंकार से कैसे मुक्त हों ?| How to Dissolve the #Ego: The Path to #Spiritual #Freedom · 2026-05-13