प्रश्नोत्तर P29-0118 · भाग 29
गुरु जी, आपने कहा था कि आपके सामने प्रत्यक्ष बैठने पर पांचों चीजों का स्पर्श मिलता है — सुगंध, स्पर्श और आपकी ऊर्जा। घर पर हम लगातार प्रवचन सुनते हैं, तो उस ऊर्जा में कितना फर्क है?
वहां पे दो ही हैं — एक शब्द है, और आप मुझे देख रहे हैं। तीन इंद्रियां कम हो गईं, तो फर्क तो आ गया ना — आधे से ज्यादा। साथ में रहना और दूर से सुनने में बहुत फर्क है। यहां पांचों इंद्रियों से हम एक दूसरे को इस समय महसूस कर रहे हैं; मैं आपके चेहरे को देख के बात कर रहा हूं। कोई कुछ कहना चाहे और कह भी नहीं पाए, तो हम बाद में उसे बोलते हैं कि बोलिए — वीडियो में ऐसा थोड़ी होगा। यहां कोई प्रश्न उठता है तो एकदम से पूछ भी लेते हो। तीन इंद्रियां भी बढ़ गईं और प्रत्यक्ष की ऊर्जा भी है। आप इस बल्ब को पास से देखिए, और जैसे-जैसे दूर जाइए, उसकी ऊर्जा कम होने लगेगी; एक समय ऐसा हो जाएगा कि आप उसे देख रहे हो लेकिन उसकी कोई ऊर्जा नहीं मिल रही, क्योंकि आप बहुत दूर हो चुके हो।
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वीडियो: #अहंकार से कैसे मुक्त हों ?| How to Dissolve the #Ego: The Path to #Spiritual #Freedom · 2026-05-13