आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P29-0183 · भाग 29

गुरु जी, साधु-संतों को हम सम्मान की दृष्टि से देखते हैं, उनके रास्ते पर चलना भी चाहते हैं, पर जब हमारे ही परिवार का कोई मेंबर उस रास्ते पर चलना चाहे तो उसका इतना विरोध क्यों होता है?

ऐसा इसलिए होता है कि लोग साधु-संतों की उस स्थिति को नहीं समझ पाए, उनसे बस वैभव लेते रहे, वहीं तक सीमित रहे। किसी की शादी नहीं हुई — खोजो बाबा, किसी को धन चाहिए — खोजो बाबा। तो उन्हें लगा कि सब कुछ यही है, और यह तो मुझे मिल गया है, तो अपने बच्चों को वो क्यों बनने देंगे? उस परम सुख को तो समझ ही नहीं पाए; जब समझे होते तब अपने बच्चों को भी उसी स्थिति पर ले जाते। गुरु की परिभाषा सीधी है — जो अंधकार से प्रकाश तक ला दे, जो अज्ञानता से ज्ञान करा दे, जो अप्रत्यक्ष को प्रत्यक्ष करा दे; जो आपसे आपका मिलना करा दे, तेरा-मेरा से धारण किए अहंकार से मुक्त करा दे, वो गुरु है। लोगों ने गुरु की परिभाषा ही बदल दी है, शिष्य की परिभाषा ही बदल दी है।

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वीडियो: यह संशय है क्या आम जनमानस भगवान का साक्षात्कार कर सकता है / #भगवान #साक्षात्कार · 2023-12-28