आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P29-0196 · भाग 29

गुरु जी, अपने मन को काबू में कैसे करें? प्लीज मार्गदर्शन करें।

आप काबू में अपने आप को कर लीजिए, बस। मन शरीर के लिए काम करता है, आपके लिए तो काम भी नहीं करता; आप बेमतलब उसके पीछे पड़े हो। शरीर का एक रोआं हिला के बताओ — इस रोएं पे आपका अधिकार नहीं है। तो मन शरीर के लिए काम करता है, आप बेमतलब परेशान हो। आपको भूख लगी, भोजन बताएगा; प्यास लगी, पानी बताएगा; पी लोगे, खत्म। आपकी शरीर की जरूरत बताता है, बस। अब कोई कह रहा है मैं मन को रोकूंगा तो उस पर हंसी आती है मुझे, क्योंकि यह बात मुझे समझ में आ गई है कि तुम नहीं रोक पाओगे। मन तो निमित्त है, इंगित करता है; चाहिए किसे? आपको, शरीर के द्वारा। पेट भर भोजन कर लीजिए, अब मन को बोलिए भोजन पे जाए — नहीं जाएगा, क्योंकि अब शरीर की जरूरत पूरी हो गई। स्वाद आप लेते हो; मन के पीछे आप हो। आप मन को अपना मानते हो इसलिए बोलते हो, लेकिन मन शरीर के लिए काम करता है, आपके लिए नहीं — इस बात को गहराई से समझ लो। मन ईमानदार है; सबसे वफादार अगर आपके जीवन में कुछ है तो मन। अगर वो इंगित ही ना करे तो पता आपको कैसे चलेगा?

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वीडियो: #अहंकार से कैसे मुक्त हों ?| How to Dissolve the #Ego: The Path to #Spiritual #Freedom · 2026-05-13