प्रश्नोत्तर P3-0044 · भाग 3
एकांत साधना में उदासी-बोरियत-रोना — प्लस है या मानसिक रोग? कैसे जांचें यात्रा हो रही?
जहां जीने की आदत, न मिले तो बेचैनी। देखो आगे कर्मबंधन नहीं बन रहा — मतलब पिछला मानसिक छूट रहा; अपने को बनाए रखो। और व्याकुलता-घुटन-चिल्लाना-रोना आएगा — इससे भयानक भी; पीछे मत जाना। जांचो तो स्तर उठेगा। एकांत में बैठो — देखना ही जांचना। यहां कुछ नहीं होगा तभी मूल में; कुछ होगा तो बाहर। बेचैनी-उदासी = बहुत छूट रहा, मूल तरफ यात्रा — शुभ लक्षण। जीव को प्रपंच-रस नहीं मिल रहा तो पगलाता — जितनी बेचैनी स्तर उठ रहा। कुछ नहीं चाहिए मार्ग; सब खत्म तब मूल।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: मेरा हंसना और रोना क्या है ?योगीजी_का_सत्संग · 2025-09-05