आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P3-0070 · भाग 3

सेवा करते अहंकार/प्रतिस्पर्धा — 'मैं सेवा कर रहा' भाव; सुविधा नहीं ज्ञान/समाज निमित्त चाहिए?

सेवा सोच-समझकर नहीं — निमित्त वो लेगा; अपना करो। सुविधा मत चाहो। लाइन में अहंकार मत — हटोगे तो पीछे नहीं दिखती। गुरु दर छूटे न — ध्यान रखो।

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वीडियो: क्या ऐसा करूं ,जो तेरी सेवा कर पाऊं ?योगीजी_का_सत्संग · 2025-09-02