आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P30-0030 · भाग 30

गुरु जी, जब परमात्मा की इच्छा के बिना कुछ नहीं होता, तो मनुष्य पाप कैसे कर सकता है?

कौन बोला कि परमात्मा की इच्छा बिना कुछ नहीं होता है? परमात्मा वही है जो इच्छा नहीं करता है — ये क्यों नहीं समझ रहे हो आप लोग? एक तरफ कह रहे हो उसकी कोई इच्छा नहीं है, वो अकर्ता है, अजन्मा है, निराकार है, और एक तरफ कह रहे हो कि उसकी इच्छा के बिना पत्ता नहीं हिलता — अब बताओ दोनों बातें कैसे हो सकती हैं? कभी पेड़ को देखा है — जो हल्के पत्ते हैं वो ज्यादा हिल रहे हैं, जो बड़े हैं वो कम; अगर उसकी इच्छा से हिलते तो दोनों एक ही जैसे हिलते। हमारे साथ एकदम खिलवाड़ किया जा रहा है — दोनों बातें तुमसे एक आदमी कह रहा है और तुम ताली बजा रहे हो। क्या तुम्हारे पास बुद्धि, विवेक, समझ नहीं है कि आप उसका तुरंत खंडन कर दो? पत्ता उसकी मर्जी से हिले और चाहे ना हिले, अपने को क्या करना है वो देख लो; मैं उस पत्ते से तो अलग हूं ना। तुम पत्ते में अटक गए — तो पत्ते से बाहर निकलो। ये बेईमानी क्या है? अपनी मर्जी है। बस देख लो क्या करना है।

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वीडियो: अंतःकरण क्या है कहां स्थित है और क्या कार्य है ? #yogijikasatsang #live_satsang #Aadhyatmik · 2024-12-04