प्रश्नोत्तर P30-0053 · भाग 30
गुरु जी, आत्मग्लानि कब होती है? और उससे निकलने का उपाय क्या है?
आत्मग्लानि तब होती है जब सामने वाले व्यक्ति ने आपके साथ उचित व्यवहार किया रहता है और आप उसके साथ गलत व्यवहार करते हैं, और जब उसका आपको आभास होता है — देखो, उसने मेरे साथ ऐसा बर्ताव किया और मैंने उसके साथ क्या किया। जब मुझे अपनी गलती का पता चलता है, तब आत्मग्लानि होगी, पश्चाताप होगा। उपाय — जो हो चुका, आगे ऐसा करो मत; ईमानदारी, सत्कर्म अपनाओ। उसके साथ गलत व्यवहार किए हो तो लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करो, निकल जाएगा। या तो वो मिले, जीवित है, तो उसी से जाकर क्षमा मांग लो — भैया, मैंने आपके साथ ऐसा व्यवहार किया था, मुझे क्षमा करना। अगर क्षमा कर देगा तो तुरंत निकल जाएगा, नहीं तो वो आपको परेशान करेगा। सामने वाला गलत है और आप सही हो तो आत्मग्लानि नहीं होगी। और अगर गलती का दंड मिल गया है तो आत्मग्लानि नहीं होगी; अगर उस समय दंड से अपने आप को बचा लिया, तो जिस दिन समझ बढ़ेगी उस दिन आत्मग्लानि होगी।
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वीडियो: आत्मग्लानि कब होती है ? #live_satsang #aadhyatmik #satsang #pratyakshgyan #yogijikasatsang · 2024-12-25