प्रश्नोत्तर P30-0087 · भाग 30
गुरु जी, गृहस्थ में रहते हुए कर्म बंधन से कैसे मुक्त हों और आत्म दर्शन कैसे करें?
इतना ध्यान रखें — कर्म में ईमानदारी हो, सत्कर्म अपनाओ। और कर्म करते हुए छल, कपट, चोरी, बेईमानी, चापलूसी, मक्कारी, धूर्तता, पाखंड — ये मत करो। योग्यता से ज्यादा चाहिए, उस इच्छा का त्याग करो; मान की इच्छा का त्याग करो, दिखावे का त्याग करो, बड़ा-छोटा बनने की इच्छा का त्याग करो। आंतरिक ईमानदारी, मेहनत, और मेरे कर्म से किसी को तकलीफ ना हो — इस भाव को रखते हुए अगर आप जीवन जिओगे, तो जहां भी रहोगे, मुक्ति से मोक्ष तक पहुंच जाओगे।
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वीडियो: अंतःकरण क्या है कहां स्थित है और क्या कार्य है ? #yogijikasatsang #live_satsang #Aadhyatmik · 2024-12-04