प्रश्नोत्तर P30-0139 · भाग 30
गुरु जी, व्यक्ति विशेष का भाव तो भीड़ में भी, समाज में भी आता है; पर आत्मिक कल्याण के भाव में तड़प और लगन कैसे बढ़ती रहे? सत्संग भी सुनते हैं और आपके शब्दों पर चलने का प्रयास भी करते हैं।
बस ईमानदारी अपना लो। अगर आप ईमानदारी अपना लो, जरूरतमंद की सेवा अपना लो, मान की इच्छा का त्याग करो, बड़ा बनने की इच्छा का त्याग करो, योग्यता ज्यादा पाने की इच्छा का त्याग करो, लालच का त्याग करो, जरूरत में जियो — यह सब अपने आप हो जाएगा। सामर्थ्यवान बनाओ अपने आप को।
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वीडियो: 40 सुबह अपनों की कुटिया हरियाणा यमुना तट #योगी · 2026-11-02