प्रश्नोत्तर P30-0188 · भाग 30
गुरु जी, जीव कौन है? जीव और ब्रह्म अलग हैं या एक?
जैसे पानी आपने फ्रिज में रखा, लेकिन जैसे ही वो फ्रीजर में गया, कुछ देर बाद वो बर्फ बन गया। अब उसे उस जगह से फिर लाके रख दो तो धीरे-धीरे बर्फ का नाश हो जाएगा। बर्फ कहां से आया, कहां गया, किसी को पता नहीं — वो एक भ्रम था। वैसे ही आत्मा जब इस पिंड में आई, तो पहले शरीर की जरूरत पूरी की, फिर बाद में स्वाद में फंस के जीवात्मा हो गई — जैसे पानी बर्फ हो गया। लेकिन बर्फ को कितना भी तोड़ दो, हर कण के पीछे अभी भी पानी है; तो जीव के पीछे आत्मा है। जब ये इच्छा-अपेक्षा से मुक्त हो जाएगा, तो जीव का नाश हो जाएगा, क्योंकि वो इच्छा-अपेक्षा में आया था। फिर आत्मा परमात्मा की यात्रा करेगा। आत्म ज्ञान के बाद — इच्छा-अपेक्षा में जीवात्मा कभी परब्रह्म की यात्रा नहीं कर सकता। सद्गुरु कौन? जो अपने सत तक पहुंच गया हो। सद्गुरु सत्संग के द्वारा आपको इच्छा-अपेक्षा से मुक्त होने के लिए, अपने बनाए हुए अस्तित्व को मिटाने के लिए ज्ञान देता है; जिस दिन आपका अस्तित्व मिट जाएगा, आप मूल में चले जाओगे, उसके बाद यात्रा होगी परब्रह्म की। जीव के पीछे आत्मा है, और आत्मा के पीछे परमात्मा; जीव के पीछे तो कामना है।
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वीडियो: सेवक के अंदर पाए जानें वाले गुण और धर्म कौन से हैं ? #livesatsang #aadhyatmik_satsang #gyan · 2024-12-24