प्रश्नोत्तर P30-0189 · भाग 30
गुरु जी, सारे साधु भजन करने को कहते हैं, आप नहीं कहते — ऐसा क्यों?
मैं कुछ अलग कर रहा हूं, वो कुछ कह रहे हैं; जिसका आपको समझ में आए, उठा के अपना आत्मिक कल्याण कर लो। भजन का मतलब — अपने आप को भज दो इस संसार के लिए, सेवा में; यही भजन है। निष्काम सेवा करना, जरूरतमंदों की सेवा करना — इसी को भजन कहते हैं।
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वीडियो: सेवक के अंदर पाए जानें वाले गुण और धर्म कौन से हैं ? #livesatsang #aadhyatmik_satsang #gyan · 2024-12-24