आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P30-0198 · भाग 30

गुरु जी, भ्रमण में साधक को नहाना जरूरी है कि नहीं?

क्यों नहीं? नहाना जरूरी है। समाज में घूमो तो स्वच्छ तो रहो। अगर ठंड है तो क्यों नहीं नहाना — तभी तो एहसास होगा। साधक बनो, भगोड़े मत बनो। साधक बन के निकले तो साधक की तरह काम करो — स्वच्छता रखो, आंतरिक भी, बाहरी भी। समाज में काम करना है, तो हमारी किसी गंध से किसी को तकलीफ न हो, लोग आसपास आके बैठ जाएं। भ्रमण में बस कपड़े फटे थे, बाकी तो हम दिन में कई बार भी स्नान कर लेते थे। बारहों महीना एक ही कपड़ा, उसी में नहाना, उसी गीले कपड़े को तन पे सुखाना। गोविंदा में उन्होंने कहा गीजर यूज़ कर लो; मैं बोला नहीं — आज तुम्हारा गीजर यूज़ करूंगा तो फिर कल क्या होगा? तो ठंडे पानी से स्नान करता था। और जितना जरूरत है उससे ज्यादा नहीं लेना — जीने के लिए भोजन और जितने में तन ढक जाए उतना कपड़ा।

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वीडियो: भ्रमण क्यों करना चाहिए?भ्रमण के फायदे (Why should you travel? Benefits of Travelling.) in Hindi · 2026-03-18