प्रश्नोत्तर P31-0043 · भाग 31
गुरु जी, अपनों की कुटिया से कोई जाता है तो मुझे बहुत रोना आता है।
अब क्या करोगे, जाना तो पड़ेगा। जाना-आना लगा रहता है, यही तो ज़िंदगी है। कभी यहां से जाना, कभी वहां से जाना, कभी आना — बस यही जीवन है।
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वीडियो: जीवन जीने की कला क्या है ? #योगीजी_का_सत्संग #aadhyatmik_satsang #live_satsang · 2024-12-03