आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P31-0053 · भाग 31

गुरु जी, प्रकृति में साधना करने का मतलब क्या है?

प्रकृति में मतलब प्रकृति के साथ साधना — वहां दायरा नहीं है। "मेरा" का दायरा होता है, "तेरा" का दायरा नहीं होता — सब उसी का है। कोई भी साधना करो, "मेरा" में भूल से ना करना। ज़्यादातर साधक लोग यही कर रहे हैं — घर से निकले, कुटिया बना ली, जमीन लेकर आश्रम बना लिया। अरे भैया, साधना "मेरा" में नहीं, "तेरा" में होती है। जब तक ज्ञान ना हो, तब तक कुटिया मत बनाना; जहां भाव आया कि मुझे आश्रम बनाना है, कुटिया बनानी है, वहीं फंस गए — छोड़ के भी चले जाओ तो भी वहीं फंसे रहोगे। इसलिए कभी भी जीवन में जब तक आत्मज्ञान ना हो, तब तक "मेरा" के भाव में कुटिया बनाकर गलती ना करना।

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वीडियो: जीवन जीने की कला क्या है ? #योगीजी_का_सत्संग #aadhyatmik_satsang #live_satsang · 2024-12-03