प्रश्नोत्तर P31-0055 · भाग 31
गुरु जी, "तेरा" और "मेरा" का मतलब समझ में नहीं आया। क्या भक्ति तेरे और मेरे से बाहर की है?
"मेरा" अगर है तो "तेरा" है; और "मेरा" नहीं, तो फिर "तेरा" ही बस। तो "मेरा" छोड़ो।
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वीडियो: जीवन जीने की कला क्या है ? #योगीजी_का_सत्संग #aadhyatmik_satsang #live_satsang · 2024-12-03