प्रश्नोत्तर P31-0101 · भाग 31
गुरु जी, जब खुद को ही चलना है तो जीवंत गुरु क्यों?
एकदम सही बात कि खुद को चलना है — शिक्षक पढ़ाता है, पढ़ते तुम हो। लेकिन शिक्षक की जरूरत है ना। मार्ग बताने के लिए जीवंत गुरु तो चाहिए। आप चलोगे तब, जब आपके पास मार्ग होगा। मार्ग बिना गुरु के मिलेगा ही नहीं, क्योंकि आप भटक चुके हो। आपके पास ऊर्जा, साधन, आत्मविश्वास सब हो, लेकिन मार्ग नहीं रहेगा तो जाओगे कहां? वहीं खड़े-खड़े खत्म हो जाओगे, या ऊर्जा विचलित होने में लग जाएगी, या गलत मार्ग पकड़ लोगे, भ्रष्ट हो जाओगे। तो गुरु की बहुत जरूरत है। कोई कहे मार्ग तो भीतर से मिलेगा — आप एक अनजान रास्ते पर फंस जाओ और किसी से पता मत पूछो, देखो कि अंदर से रास्ता पता मिलता है क्या? कभी नहीं मिलेगा, ऐसे खड़े-खड़े मर जाओगे।
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