आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P31-0131 · भाग 31

गुरु जी, प्रेम किसे कहते हैं?

प्रेम की परिभाषा यही है कि जिसके प्रति आपका प्रेम है, आप उसके लिए कुछ कर रहे हो पूरी तरह, उसके हित-अहित को देखकर। ऐसा नहीं कि वो नशे के लिए पैसा मांग रहा है और आप उसे नशा करा दिए, तो प्रेम है — नहीं, ये प्रेम नहीं है, यह दुष्कर्म है। आप किसी के हित के लिए काम कर रहे हो, तो आपको उससे प्रेम है।

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