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प्रश्नोत्तर P4-0022 · भाग 4

(लाइव) गुरु जी प्रणाम। अपने कर्तव्य का कर्म ईमानदारी रखते हुए करने में (अगर) किसी को तकलीफ या घुटन हो, तो मुझे क्या करना है? क्या उस समय मुझे अपने तरीके — ईमानदारी — छोड़नी होगी, या कोई और तरीका अपनाऊं?

ईमानदारी रखो। ईमानदारी कभी मत छोड़ना, कुछ भी हो जाए; इसलिए कि ईमानदारी में तुम हो।

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 1 मार्च 2026 #योगी · 2026-03-01