प्रश्नोत्तर P4-0131 · भाग 4
(कुटिया में साधक) आत्म चिंतन में, ध्यान लगा के बैठते हैं तो अतीत के विचार नहीं आते, लेकिन अभी जो कुछ हो रहा है — जैसे कोई आवाज आ गई, कुछ गिर गया — तो उसका विचार आता है, ध्यान वहां चला जाता है। क्या करें?
हां, चला ही जाएगा। तो हमें ये पूछना चाहिए कि इससे मुझे क्या मतलब? अपने आप से ये कहना चाहिए कि मुझे क्या मतलब था — तो फिर तुम वहीं आ जाओगे। तो कोई बात नहीं, इसको कंटिन्यू रखना। बैठ गए, अगर ऐसा कुछ आ रहा है तो बोलो — हमसे क्या मतलब? 'हमसे क्या मतलब' से तुम वहीं आ जाओगे जहां से गए थे।
इसमें थोड़ा समझना — ये मैंने आप लोगों के लिए लिखा है। 'ईमानदारी मुक्ति है' — ये पहली लाइन है; और ये आखिरी — 'बेमतलब से आना नहीं, मतलब है तो आना नहीं।' ईमानदारी वाला मैंने समझा ही दिया; और ये वाला आप समझ लो, ये आपके लिए है।
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वीडियो: 25 जनवरी 2026 रविवार प्रश्नोत्तरी#योगी · 2026-01-25