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प्रश्नोत्तर P4-0135 · भाग 4

(कुटिया में साधक) गुरु जी, लोग ईमानदारी से कुछ करना चाहते हैं लेकिन दिखाना चाहते हैं कि हमने ईमानदारी से किया; सत्कर्म करते हैं तो नोटिस कराना चाहते हैं — जैसे भूखे को खाना खिलाते हुए वीडियो बना के स्टेटस पर लगाते हैं। बिहार में सरकार ने कहा कि एक्सीडेंट वाले को हॉस्पिटल पहुंचाओ तो 5000 इनाम मिलेगा, तो कई इलाकों में एक्सीडेंट के केस बढ़ गए। लोग सत्कर्म का तुरंत रिजल्ट चाहते हैं। इस बारे में क्या कहेंगे?

नहीं, (केस) बढ़ नहीं गए। अब क्या हुआ कि (लोग) करके बता रहे हैं। (लोग इनाम लेने के लिए) एक्सीडेंट नहीं कर रहे होंगे, ऐसा नहीं कोई करेगा। आप समझिए इस बात को — करके लोग बताने लगे। ये तो मैं कह रहा हूं कि अगर कोई खाना खिलाते हुए वीडियो (बनाता है) तो दूसरे को भी तो प्रेरणा मिलेगी — अच्छे काम का ही तो बना रहा है। अगर उस वीडियो को 1 लाख लोगों ने देखा तो दो-चार को तो भाव आएगा कि मैं भी करूं। आप समझो, अच्छे काम का हमेशा वीडियो बना ही लेना चाहिए। (भाव ऐसा नहीं है —) अरे, काम तो अच्छा कर रहे हो। (एक सन्यासी साधक ने बताया कि मंदिर में आए पैसे से उन्होंने सरकारी स्कूल के 44 बच्चों को कॉपी, पेन, स्वेटर बांटे और उसका वीडियो भी बनाया —) ये तो खुद व्यक्ति जानता है कि मैं किस भाव से बना रहा हूं; बनाने वाला तो जानता है। पहले तो हम सेवक राम को लेके जाते थे, तो बोलते थे — क्या पूछें? हम कहे — बस इतना पूछो कि ईमानदारी क्या है, तो उसके आगे हम बोलेंगे। शुरू में एक बार, दो बार में (वीडियो) नहीं बनता था। इनका अपना तो क्वेश्चन था नहीं, क्वेश्चन तो हम देते थे — पूछो, ईमानदारी क्या है? चलो आज इस पे वीडियो बनाएंगे। फिर पहले दो-दो, तीन-तीन मिनट का वीडियो बनाते — अब ईमानदारी कैसे करें, आत्मिक कल्याण क्या है, राग-द्वेष क्या है, मोह-आसक्ति क्या है। तो एक-एक प्रश्न देते थे कि आप पूछो — मोह-आसक्ति क्या है, तो मैं बताऊंगा। तो ये कैमरा चालू करते थे। एक संबोधन तो अच्छा करना पड़ेगा — 'प्रणाम गुरुदेव' — वहां प्रणाम थोड़ी ना किया जा रहा है, लेकिन जब हमारी बातें दूर तक पहुंचें, तो वो थोड़ी सुन रहे हैं कि ये नाटक हो रहा है। लेकिन नाटक भी ऐसा करो कि प्रत्यक्ष लगे, क्योंकि ज्ञान तो समझेंगे लोग। तो कहने का मतलब है कि हम समाज को कुछ बताना चाह रहे थे। अगर एक तौर से देखोगे तो एक नाटक कर रहे थे — उस नाटक ने इतना कुछ दे दिया कि आज देखो अपनों की कुटिया बन गई, आप लोग यहां मौजूद हो। तो शुरुआत ऐसे हुई थी।

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वीडियो: 25 जनवरी 2026 रविवार प्रश्नोत्तरी#योगी · 2026-01-25