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प्रश्नोत्तर P4-0194 · भाग 4

(कुटिया में एक और साधिका, जिनका भी बाल विवाह हुआ; पति बहुत परिवार-प्रेमी हैं, अब फिजिकल रिलेशन भी नहीं चाहते, पर कहते हैं कहीं भी जाओ, बस वापस घर आ जाना) — उन्हें क्या कहूं?

आप बोल दो उन्हें कि हम घर तब आएंगे, जब जिसके लिए निकली हूं, वो तो हो जाए। अगर मैं जैसे गई, वैसे ही आई, तो फिर मतलब क्या घर आने का? आप कहिए कि जिसको हम खोजने निकले, अगर उसको बिना लिए आते हैं, फिर मेरे आने का क्या मतलब, और जाने का क्या मतलब? (बोल दो) कल या परसों आप आके मिल लेना, जहां मैं रहूं; लेकिन मैं आऊंगी तभी, जब मुझे मिल जाएगा — जिसके लिए आप गए हो। आप देखो, आलू ही खरीदने गए हो, तो आलू लेके ही लौटना। आप क्या लेने गए हो, वो आप देखो — डिसाइड हमेशा करना पड़ेगा — लेकिन वो लेके आओ, बस। और नहीं तो फिर आप वैसे ही चले गए, तो फिर आपके निकलने का क्या मतलब? टाइम पास करके आ गए, (जैसे) पता नहीं था क्या लेने (गए थे) — फिर वहीं आ गए। आप बोलो — अब मैं जा रही हूं; अब जिसके लिए जा रही हूं, (वो) होगा, तभी इस दरवाजे के अंदर कदम रखूंगी; और नहीं तो एक काम करना — जहां भी रहूंगी, आपको बता दूंगी, जब भी मेरी याद आए, आके मिल लेना। अब ये कदम निकल रहा है, तो वापस आएगा तभी, (जब) लेके (आएगा), नहीं तो नहीं आएगा — फिर आप आगे ही बढ़ेंगे।

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वीडियो: अगर भक्त न हो तो भगवान का क्या होगा ? क्या भगवान भक्त पर निर्भर हैं ? #bhakt #bhagvan · 2025-07-17