प्रश्नोत्तर P5-0023 · भाग 5
(कुटिया में साधिका) क्या पहले आत्मज्ञान / आत्मिक कल्याण लेना है, बाद में बाकी काम? प्रबल इच्छा का मतलब क्या?
आत्मिक कल्याण अगर ये भाव है तभी होगा। प्रबल इच्छा — सब काम छोड़कर भोजन; भोजन का मीनिंग शरीर के लिए मालूम हो, तब जाके आत्मिक कल्याण। प्रबल भाव हो तो कुछ भी आने दो — पहले आत्मिक कल्याण, बाद में कुछ और। जैसे नचिकेता — यमराज ने बहुत ऑप्शन दिए, बोले पहले सत्य बताओ। जिस दिन पहले आत्मिक कल्याण पकड़ लोगी, होना पक्का है। नशेड़ी की तरह सत्संग सुनते-सुनते एक दिन आएगा — अब आत्मिक कल्याण के अलावा बात नहीं। वो पहले से मौजूद है; प्रबल इच्छा बन जाए तो रिजेक्शन अपने आप हो जाता है। आत्मज्ञान खोजने के लिए कुछ नया नहीं उतरेगा — पहले से ज्ञान मौजूद है।
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वीडियो: अगर भक्त न हो तो भगवान का क्या होगा ? क्या भगवान भक्त पर निर्भर हैं ? #bhakt #bhagvan · 2025-07-17