प्रश्नोत्तर P5-0028 · भाग 5
(संदर्भ: राजा भर्तृहरि की कथा) शरीर से छोड़ दिया पर मानसिक आसक्ति कैसे छूटे? त्याग क्या होता है?
राजा भर्तृहरि जंगल गए — माँ ने कहा जब खूब प्यास लगे तब पानी, खूब नींद आए तब सोना, तो राजघर की याद नहीं आएगी। कमंडल-छड़ी लेकर गए। शंकर ने कहा कोई त्याग नहीं। तकिया छूटा, छड़ी छूटी, कमंडल फेंका, पिंडदान का बचा आटा खाया — फिर भी बोले त्याग नहीं। आठ लिट्टी में से चार माँगीं; चार में पेट नहीं भरेगा कहा तो शंकर ने कहा चार वापस ले लो — बोले छोड़ो, राज छोड़ा पहाड़ छोड़ा, चार लिट्टी में गिर जाऊँ? तब कहा — कुछ नहीं छोड़ा, सब ले गए। जब समय आएगा पता चलेगा क्या छोड़ा। अभी शरीर से छोड़ा है; मानसिक नहीं छूटा। जिस दिन माँग से छूट जाएगा उस दिन — आत्म में खुद ज्ञान है — उपलब्धि हो जाएगी।
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वीडियो: अगर भक्त न हो तो भगवान का क्या होगा ? क्या भगवान भक्त पर निर्भर हैं ? #bhakt #bhagvan · 2025-07-17