प्रश्नोत्तर P5-0067 · भाग 5
(वृद्ध साधक) अंतिम सांस यहीं बिताने की इच्छा है; मोक्ष के लिए मार्गदर्शन दें। क्या रुक सकते हैं?
आप ही लोगों के लिए है। सौ कमरे भी बना रहा हूं, बनाने वाला हूं। और आप लोग आराम से रहिए। आराम से अपने आत्मिक कल्याण के लिए साधना करिए। ज्ञान से, आपकी जरूरत से, पूरा सहयोग दिया जाएगा, जिससे आपका आत्मिक कल्याण संभव हो पाए। हमारे तरफ से कोई कमी नहीं रहेगी। अगर कोई कमी है तो आप लोग बताओ। मैं पूछता हूं, अगर कोई भी कमी हो। कमी तो हम में है। अगर कोई भी कमी हो तो आप मुझसे बोलिए। मैं तैयार हूं। अगर मेरे प्राण भी ज्यादा होंगे तो मैं वे भी देने के लिए तैयार हूं। बस तुम्हारा आत्मिक कल्याण हो जाए, क्योंकि आत्मिक कल्याण का महत्व मुझे पता है। तुम्हें हो या न हो, मुझे पता है। तो आप लोग आराम से रह के अपने आत्मिक कल्याण के लिए साधना करिए। कोई भी कमी हो तो आप मुझसे कहिए। मैं उस कमी को हटाऊंगा। बस आप में कमी न हो। अगर यहां कोई कमी नहीं, और आप में कोई कमी नहीं, तो अवश्य लक्ष्य तक पहुंचेंगे ही।
आप बस इस इच्छा को बनाए रखें, और इस इच्छा के लिए काम करते रहें। हम आपका पूरा सहयोग करेंगे, पूरी तरह। जिस प्रकार भी सहयोग लगेगा, मैं करता रहूंगा। बस आप अपनी इच्छा पर काम करते रहिए। क्योंकि आपकी अगर इच्छा हट गई तो मैं भी कुछ नहीं कर सकता। आपकी इच्छा बनी रहे। मेरी इच्छा तो है क्या। कहीं आप इच्छा न तोड़ देना।
हमारी इच्छा तो थी, है, और रहेगी। तभी तो हम रात दिन इतनी मेहनत में लगे हैं। नहीं तो दो बजे तक आपको कैमरे में क्यों देखते। क्या जरूरत थी। कौन देखेगा। हमारे यहां सब सो ही गए थे। लेकिन मैं देख रहा था कि आप आ जाओ, आप स्नान कर लो, खा पी लो, फिर मैं विश्राम करूं। अब आप बोलोगे कि देखे कैसे थे। तब कुछ घटना तो बतानी पड़ेगी। जो कहता है, बोल तो दिए। चलो इन्हें देखें, तो इनकी कुछ घटना बताई। लेकिन मुझे देख रहे थे, ऐसा तो हो नहीं सकता। क्यों जरूरत है दो बजे जागने की। तो पहले आप सामान हॉल में रख के आए, फिर इन्होंने कहा सामान लेकर इधर आओ।
मैं पूरी तरह से तैयार हूं। हर तरीके से सक्षम होकर, पूरी तरीके से धन से, तन से और ज्ञान से सक्षम होकर मैंने यह कार्य की शुरुआत की। अब आप ही लोगों के ऊपर है। हम तो खुल के कहते हैं, अगर कोई भी कमी हो तो मुझे बताइए। बस आप अपना आत्मिक कल्याण कर लो। मैं हर कमी को हटा दूंगा। लेकिन तैयार आप रहो। आप नहीं हटा पाएंगे तो मैं तो पीछे हूं, मैं हटा दूंगा। लेकिन तैयार तुम रहो, उठाने के लिए। तुम तैयारी कर दो कि नहीं, मैं हटना चाहता हूं, तो मैं हटा दूंगा। क्योंकि तुम्हारी क्षमता होती तो हट ही जाते। बस तुम तैयारी कर लो कि नहीं, बस अब पूरी तरह हटना है।
जीवात्मा की क्षमता होती, तब तो हट ही जाता। बस तुम तैयार हो जाओ कि नहीं, बस अब हटना है, और हटने के बाद मैं फिर इधर आऊंगा नहीं। कहीं ऐसा न हो कि हटाने लगे और पता चला कि नहीं, अभी कुछ बाकी है। आप बस तैयार हो जाओ, और बाकी काम तो मेरा है। तैयारी में कोई कमी न रहे। मैं पूरी तरह तैयार हूं। बस तैयारी आपकी हो जाए, हम निकाल देंगे। आप निकलने की तैयारी कर लो। पूरी तरह लग जाओ। लगना तुम्हें है।
देखो, कोई व्यक्ति गिर जाता है तो लोग उसे अस्पताल तक पहुंचा देते हैं, उसे घर तक पहुंचा देते हैं। लेकिन कोई गिरने का नाटक करे तो कोई नहीं पहुंचाएगा। अगर तुम सच में गिर गए, और तुम असहाय हो, जा नहीं सकते, तो वह तुम्हें तुम्हारे घर तक पहुंचाएगा। उसे पहुंचाना ही पड़ेगा। अगर वह नहीं पहुंचाएगा तो वह गिर जाएगा। उसकी ताकत नहीं होगी तो उसे दोष नहीं लगेगा। लेकिन अगर ताकतवर व्यक्ति है, और उसके सामने कोई तड़प रहा है, और वह नहीं उठा के उसके घर तक पहुंचा रहा है, तो जिम्मेदार फिर वह होगा। उसे भोगना पड़ेगा।
तो एक सक्षम व्यक्ति अगर है, और सच में आप निकलना चाह रहे हो, तो वह निकाल देगा आपको। लेकिन बात वही है कि सच में गए हो। अब तुम्हें निकलना नहीं है, निकलने का नाटक कर रहे हो, तो फिर नहीं निकालेगा। आपके सामने कोई नाटक कर के गिर जाए, और आपको पता चल जाए कि यह तो नाटक है, चल सकता है, लेकिन कहे मुझे पहुंचाओ, तो आप उसे पहुंचाओगे क्या। लेकिन सच में हाथ पांव टूट जाएं, वह कहे नहीं, जाने दो, आप चिंता मत लो, हम चले जाएंगे। आप खुद डांटोगे, कैसे चला जाएगा। मैं तुम्हें पहुंचाऊंगा। तुम जाने लायक ही नहीं रहे। यह मेरा काम है, क्योंकि मैं ले जाने लायक हूं। लेकिन वह व्यक्ति नाटक करे कि लो मैं गिर गया, जरा उठा के मेरे घर तक ले जाओ, और तुम्हें पता है कि डोल के जा सकता है, तो आप दो चार थप्पड़ और मार दोगे। अगर आप तैयार हो जाओ तो सक्षम व्यक्ति है, वह निकाल देगा आपको। तैयारी आपकी हो जाए, निकलने की।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 9 अगस्त 2026 · 2026-08-09