प्रश्नोत्तर P5-0136 · भाग 5
आसपास के रूपों से और परम सत्ता से मेरा क्या संबंध? घर जाने के लिए प्रयास या समर्पण?
इनसे संबंध जरूरत में है, और उससे संबंध जरूरत से मुक्त होने में है। इनसे संबंध शरीर तक का है और उससे संबंध मेरा है, और जब मैं इनसे संबंध छोड़ दूंगा तो मेरा उससे मिलना हो जाएगा। मैं एक ही जगह रह सकता हूं, या तो यहां या तो वहां। दो से तीसरी जगह नहीं है। तीसरी जगह हो तो मुझे बताओ, कोई नजर में हो तो बताओ। हमारी नजर में दो जगह हैं: एक तो यहां, और यहां छोड़े तो वहां।
जैसे हम नींद में होते हैं, जिसको सुषुप्ति बोलते हैं, उस समय हम कहां होते हैं? शरीर में ही सो जाते हैं, तो वह तीसरी जगह नहीं होती। शरीर को आराम दे रहे हैं, पांच तत्व में ही तो है ना। फिर स्वप्न देखते हैं, तो शरीर के द्वारा ही तो देखते हैं।
अपने घर जाने के लिए यह घर कैसे छूट जाए, इसके लिए काम करना है। प्रयास नहीं करना, काम करना है। इसके लिए मैं क्या कर सकता हूं, वह करना है। प्रयास करना ही नहीं, सिर्फ काम करना है। जहां मैं हूं, वहीं से काम करना शुरू कर देना है। प्रयास में जिंदगी चली जाएगी, मिलेगा कुछ नहीं।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 16 अगस्त 2026 · 2026-08-16