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प्रश्नोत्तर P6-0133 · भाग 6

सत्य क्या है? सत्य बोला कैसे जाए? जीवन में बहुत निराशा आती है, तभी यह प्रश्न उठता है कि यह सत्य है क्या। क्या मैं आवरण हटाती रहूं और अपनी धारणा तोड़ती रहूं?

सत्य बोला नहीं जा सकता। हां। आवरण को हटाते रहो। अपनी धारणा को तोड़ते रहो। जहां रहो, देखो, सत्य है क्या। सत्य है, तो ठीक है, पता चल गया। और सत्य नहीं है, तो वहां से हटो। सत्य होगा, तो था और रहेगा। वही चीज है। आप देख लो, कहां हो। सत्य है क्या। नहीं है, तो वहां से हटो। अगर सत्य की खोज है, तो मैं कहीं जा रहा हूं। मैं पूछता हूं, क्या यह जगह आ गई। नहीं, इससे आगे है, तो मैं उस जगह को छोड़ता हूं। अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए मैं उस जगह को छोड़ देता हूं। क्या मैं आ गया। नहीं आया, तो छोड़ना पड़ेगा। तो आप देख लो, सत्य क्या है। अगर इसकी खोज है, तो आप क्या है, इसमें हो। इसीलिए पूछना पड़ रहा है कि सत्य क्या है। देखो, आप क्या है, इसमें जहां हो। सत्य है क्या। नहीं है, तो छोड़ दो। है, तो मिल गया।

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वीडियो: Sunday Q&A August 2, 2026 #Yogi · 2026-08-02