प्रश्नोत्तर P7-0113 · भाग 7
गुरु जी, क्या अवधूत की स्थिति आने से पहले मुझे मालूम पड़ जाए? अगर हाँ, तो उस समय क्या करें?
अवधूत स्थिति एक पीड़ा की स्थिति होती है, जहाँ कुछ नहीं रहता। वहाँ कोई प्लानिंग नहीं होती। एक स्त्री ने गर्भ धारण कर लिया। बोले, मैं बच्चे को जन्म देने वाली हूँ, तो उस समय क्या करूँ? उस समय दर्द से इतनी पीड़ित रहेगी कि उसकी समझ खत्म हो जाएगी। समझ के पार की स्थिति है वह। तो अवधूत स्थिति में प्लानिंग हो ही नहीं सकती।
एक माँ को अगर बताया जाए कि तुम माँ बनने वाली हो, तो यह यह ध्यान रखना। क्या आपको लगता है उस पीड़ा में वो कुछ ध्यान रख पाएगी? अवधूत स्थिति में सब खत्म हो जाता है। कोई इच्छा नहीं, कोई अपेक्षा नहीं। ना राग, ना द्वेष। ना बुरा, ना अच्छा। यहाँ तक कि खोज भी खत्म हो जाती है। खोज भी खत्म हो जाती है। आत्मज्ञान तक की खोज खत्म हो जाती है। वो पूरा खत्म हो जाता है। यही अवधूत स्थिति है। सब कुछ खत्म हो जाता है। यहाँ तक कि जिसके लिए निकला था, वो खोज भी खत्म हो जाती है। यह अवधूत स्थिति है।
तो इसलिए यह प्लानिंग की बात नहीं। बस उस स्थिति में आने के लिए काम करते रहो, करते रहो। एक दिन ऐसा आएगा, अवधूत स्थिति बन जाएगी।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 5 अप्रैल 2026 #योगी · 2026-04-05