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प्रश्नोत्तर P7-0192 · भाग 7

प्रवीण कुमारी ने पूछा, एक जीव आध्यात्मिक यात्रा कैसे शुरू करता है?

एक जीव आध्यात्मिक यात्रा तब शुरू करता है, शुरुआत करता है, जब उस समझ में आता है कि यार जहां मैं हूं उसका परिणाम क्या है? जहां मैं हूं उसका क्या परिणाम है? क्या मुझे यही चाहिए? क्या मैं इसी के लिए जन्म हुआ हूं? जब ये देख पाता है कि जहां मैं हूं, वहां तो कुछ है ही नहीं मेरे लिए। यह तो सिर्फ शरीर तक के लिए है। तो मेरे लिए क्या है? जब यह प्रश्न खड़ा होता है कि मेरा क्या? यहां तो सब हमारे शरीर के साथ ही हैं। मेरा क्या होगा? शरीर छूटने के बाद मैं कहां से आया हूं? मैं कहां जाऊंगा? मेरा क्या है? मेरा आदि और अंत क्या है? ये तो मैं जितना कर रहा हूं, शरीर के लिए कर रहा हूं। शरीर तक सब साथी हैं। लेकिन शरीर के बाद क्या? जब यह सब प्रश्न खड़े होते हैं तब जाके आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत होती है। यार मेरा क्या? मेरा क्या होगा? ये रिश्ते भी शरीर तक। वैभव भी शरीर तक। मेरा क्या होगा? जब मैं इस शरीर से छूटूंगा तो कहां जाऊं? उसे कहीं रस नहीं आता है। ना वैभव में, ना भोग में, ना विलासिता में, ना नाम में, ना शोहरत में, ना मान में, ना सम्मान में, ना लड़ाई में, ना झगड़े में। कहता है, ये क्या है? मेरा क्या होगा? जब मेरी बात आती है। जब तक उसे लगता है कि नहीं, सब यही है, तब नहीं। जब वह खड़ा होता है कि यार ये तो सब शरीर तक है, मेरा क्या होगा? छूटना भी तो, जाते लोग छोड़ते हैं। कोई नहीं पकड़े है। सबको तुमने पकड़ा है, यूज किया है। कोई तुम्हें नहीं। तुम रोड पर एकांत में चले जाओ, तुम्हें कोई पूछेगा भी नहीं। तुम्हें वही लोग पकड़े हैं जिनको तुमने यूज किया है। ऐसे थोड़ी बुला रहे हैं तुमको। तुमने कहीं ना कहीं, किसी तरीके से, देश, काल, स्थिति, परिस्थिति में तुमने उनको यूज किया है। तो अभी समझ जाएगा तो क्या करेंगे? तो वो तो कह रहे हैं, जाओ भरपाई कर दो। वो तो कह रहे हैं, भाई जा ना, तेरे को कौन रोक रहा है? लेकिन भरपाई करके जा। और तुम्हें लग रहा है मैं भर दिया हूं, तो निकल जाओ। और निकलने में कानून का सहारा ले लो। अगर तुम्हें लग रहा है, क्योंकि कानून तभी सहारा देगा ना जब तुम भर दोगे। भर दिए हो तो सम्मान के साथ निकल जाओ। छुप के भागने की क्या जरूरत है? आप नहीं भाग पा रहे हो। इसका मतलब करो ने मुझे पकड़े हैं? नहीं। तुम्हें पता है मुझे लौटाना है, इसलिए तुम चिल्ला भी नहीं सकते। कोई नहीं किसी को पकड़ रहा है रे। यह बिना मतलब का हम दोष दे दें। मैं यहां खड़ा हूं। मुझे कोई पूछने वाला नहीं है। क्यों? क्योंकि मैंने किसी को यूज ही नहीं किया है। मैं यहां खड़ा हूं। मुझे आज तक एक भी व्यक्ति मुझसे यहां मिलने नहीं आया। मेरे रिश्ते में, रिश्तेदार, घर-परिवार, कोई नहीं। कोई नहीं। कोई बुलाता भी नहीं, ना कोई आता भी। क्यों? क्योंकि मैंने यूज ही नहीं किया। अगर मैंने भी यूज किया होता, उनका खाया-पिया होता, तो जरूर मुझे ढूंढते। वो मुझ पर निर्भर रहते। लेकिन मैंने किसी को आश्वासन ही नहीं दिया, क्योंकि आश्वासन तब देता जब उनका खाता। मैं सामने प्रत्यक्ष हूं। मुझे कोई नहीं ढूंढता। आज तक ये चिल्ला-चिल्ला के लाइव में बोल रहा हूं। मेरे घर वाले भी देखते हैं। उनमें से एक व्यक्ति भी आज तक मिलने नहीं आया, क्योंकि उन्हें पता है कि मिलेगा कुछ नहीं। और वहां जाके नियम में रहना पड़ेगा, क्योंकि यह आदमी ऐसा है, किसी को छोड़ता नहीं, क्योंकि मेरा नेचर जानते हैं। मिलेगा कुछ नहीं, फिर रिश्तेदारी भी खत्म हो जाती है। मैं कह तो रहा हूं कि मैं इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हूं। सामने, मुझे एक व्यक्ति भी आज तक, चलो पहले पता नहीं था, अब पता है क्या? लेकिन आज तक एक व्यक्ति भी मिलने नहीं आया। एक व्यक्ति भी मेरे घर का, रिश्तेदार, कोई भी नहीं। क्यों नहीं आया? क्योंकि ना मुझसे कुछ मिलेगा ही नहीं। और यह आदमी ऐसा है कि वहां जाकर नियम में रहना पड़ेगा, क्योंकि सुनने वाला भी नहीं, क्योंकि खाया ही नहीं है। खाया ही नहीं तो सुनेगा क्यों? इसमें वो जो आपकी दृढ़ता है, वो दृढ़ता हमारे पास नहीं है। इसलिए नहीं है कि आप खाए हो सामने वाले का। सर वही झुकता है जिसका हमने खाया है। समझना इस बात को। जिसका नहीं खाया, उसके सामने सर झुकाने की जरूरत है क्या? झुकेगा ही नहीं। और तुम बाहर से कितना भी अकड़ो, अगर तुम खाए हो तो अंदर से झुक ही रहा है। बाहर से भले तुम ऐसे सीना ताने हो, लेकिन अंदर से झुक ही रहे हो। तो ऐसा नहीं रे कि तेरे को कोई आने नहीं दे रहा है। ऐसा नहीं है। कौन किसको रोकने वाला है रे। मैं तो खुद हूं। मैं भी तो किसी मां के गर्भ से ही पैदा हुआ। मेरी भी कोई पूछता ही नहीं रे। जब समझ आई तब समय चला गया। और अभी भी समय है। ऐसा थोड़ी ना है। अभी भी पूरा कर। बस पूरा ही। अभी भी पूरा कर और निकल ले। ईमानदारी करके निकलना चाहिए।

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 19 अप्रैल 2026, इस वक्त इस दुनिया में सबसे कठिन कार्य क्या है ? #योगी · 2026-04-19