आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P8-0089 · भाग 8

आत्मबोध शुद्ध अद्वैत है। निर्गुण ब्रह्म सगुण साकार होता है, उसे द्वैत कहा जाएगा। कौन सा मार्ग ज्यादा सही है, ज्ञान मार्ग?

देखिए, ज्ञान मार्ग सर्वश्रेष्ठ मार्ग है। किसी भी मार्ग से जाओगे, ज्ञान ही चाहिए। तो ज्ञान मार्ग एकदम सीधा है, कि भैया छोड़-छाड़ के आओ। ज्यादा लोग भक्ति मार्ग में जाते हैं, क्योंकि इष्ट के सहारे रहते हैं कि ये छुड़ा देंगे। तो ज्ञान मार्ग सर्वश्रेष्ठ मार्ग है। इसमें बहुत तेजी से यात्रा होती है। तो सबसे सही तो ज्ञान मार्ग है, लेकिन आपकी सामर्थ्य देखो। जैसे मान लो कोई बोले कि सबसे जल्दी जाने का रास्ता क्या है, तो प्लेन है। लेकिन प्लेन के लिए टिकट का पैसा भी तो चाहिए, अपनी क्षमता भी तो चाहिए। अगर आपकी क्षमता नहीं है तो ज्ञान मार्ग में नहीं चल पाओगे। क्योंकि ज्ञान मार्ग में सिर्फ आप हो। गुरु भी जिम्मेदारी नहीं लेता। कहता है, मैं मार्ग बता रहा हूं, चलना तेरे को है। और इस मार्ग में अगर आना है तो सर्वप्रथम ईमानदारी अपनाओ, सत्कर्म अपनाओ, और सत्संग सुनो। बस यही है। इसी से तेरा कल्याण हो जाएगा। और प्रत्यक्ष में जीना चालू करो। ज्ञान मार्ग कर्म का सिद्धांत बताता है, कि भैया कर्म से ही तर जाओगे। तो ज्ञान मार्ग सर्वश्रेष्ठ मार्ग है। इस मार्ग को आप पकड़ सकते हो, लेकिन आपकी क्षमता भी होनी चाहिए, क्योंकि इसमें कोई आश्वासन देने वाला नहीं है। तारना आपको है। सारी जिम्मेदारी आपकी। गुरु सिर्फ आपको मार्ग बताएगा। कहेगा, तू चलेगा तो मैं तेरे साथ हूं, और तू नहीं चलेगा तो मेरी जवाबदारी नहीं। बाकी और मार्ग पर कहते हैं, कोई बात नहीं, हम कर देंगे। भक्ति मार्ग पर गुरु बैठे हैं, बोलते हैं कोई बात नहीं, तुम यह करो, मैं कर दूंगा। मैं हूं न, मैं तुम्हें वहां मिलूंगा, स्वर्ग में ले जाऊंगा, सत्यलोक में मिलूंगा। क्या-क्या आश्वासन देते हैं। तो भाई देखो, ज्ञान मार्ग सर्वश्रेष्ठ मार्ग है, लेकिन आपकी क्षमता भी होनी चाहिए। अगर आपकी क्षमता नहीं है तो फिर कोई बात नहीं। वही फ्लाइट से जाना है तो उसका टिकट भी तो चाहिए। अगर एक-आध महीने बाद जाना है तो कम लगेगा। तुरंत जाना है तो टिकट ज्यादा लगेगा। समझ रहे हो? तो यही है। देख लो, आपकी क्षमता क्या है।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 26 अप्रैल 2026 #योगी · 2026-04-26