प्रश्नोत्तर P9-0044 · भाग 9
सामर्थ्यशाली बनने में अगर किसी की गुलामी करनी पड़े, तो?
सामर्थ्यवान बनाने वाला कभी आपको गुलाम नहीं बनाएगा। आपकी गुलामी से मुक्त कराएगा। अगर आपको लग रहा है कि आपको कोई गुलाम बना रहा है, तो आप वहां से हट जाओ। क्योंकि सामर्थ्यवान अगर कोई आपको सिखा रहा है, तो सिखाने वाला हमेशा यही चाहता है कि मुझसे भी आगे जाए। एक सिखाने वाले का यही भाव होता है।
एक प्राइमरी का टीचर पढ़ाता है, तो यही उद्देश्य लेकर पढ़ाता है कि ये बच्चे आईएएस होंगे, डीएम होंगे, कलेक्टर होंगे। वह प्राइमरी का ही शिक्षक रह जाता है। लेकिन उसके पढ़ाए हुए प्रोफेसर हो जाते हैं, पीएचडी कर लेते हैं, इंजीनियर बन जाते हैं, डॉक्टर बन जाते हैं, प्रधानमंत्री बन जाते हैं, मुख्यमंत्री बन जाते हैं। लेकिन वह प्राइमरी का टीचर ही रहता है। तो मैं आपको बताऊं, सिखाने वाला हमेशा यही चाहता है कि जिसको मैं सिखा रहा हूं, वह मुझसे आगे जाए, और अच्छे तरीके से सीखे, और समाज में कुछ करे। इसी उम्मीद में वह मेहनत करता रहता है।
अच्छा शिक्षक, गुरु, कभी गुलाम नहीं बनाता। और अगर गुलाम बना रहा है, वह अपने से नीचे रखना चाहता है, और यह पता भी चल जाता है, तो वह फिर न सिखाने वाला है, न गुरु है। वह दोनों नहीं है। वह फ्रॉड है, सिखाने वाले के भेष में। ऐसे लोगों से तुरंत अपने आप को छुड़ाकर भाग जाओ। और यह आपको पता चल जाएगा, पक्का, कि सिखाने वाले का मेरे प्रति भाव क्या है। यह पता चल जाएगा।
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वीडियो: Live के प्रश्न और उत्तर स्वयं के सामर्थ को जांच कर आगे बढ़े । #योगी · 2026-06-05