प्रश्नोत्तर P10-0105 · भाग 10
गुरु जी, बहुत से गुरु कहते हैं कि आत्मज्ञान एक पल में हो सकता है, पर कभी पल में होता क्यों नहीं?
देखो, जरा समझो। कोई भी काम आप करते हो, परिणाम तो एक ही पल में आता है ना, लेकिन उसकी मेहनत कई वर्ष तक करनी पड़ती है। आदमी मर गया या जिंदा है — यह एक ही पल में होता है, परसेंटेज में नहीं होता। आप पास हो गए या फेल हो गए, यह एक क्षण में मालूम पड़ता है, लेकिन उसके लिए पढ़ाई तो एक साल करनी पड़ी ना। "हो रहा है" में प्रोसेस है, धीरे-धीरे; "हो गया" — वह एक ही क्षण में होता है, कई सालों की मेहनत के बाद।
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वीडियो: 23 रात अपनों की कुटिया हरियाणा यमुना तट #योगी · 2026-10-16