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प्रश्नोत्तर P13-0049 · भाग 13

जो हमें तारने की कोशिश कर रहा है, उसके साथ किए गए अपराध का — उसकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने के अपराध का — कितना बड़ा दंड है?

दंड तो दंड होता है। बात यह है कि आप किस व्यक्ति के साथ क्या व्यवहार कर रहे हो — सामने वाला कौन है। आप जिसके साथ व्यवहार कर रहे हो, अगर वह बेईमान है, तो कम दंड है; ईमानदार है, तब तो दंड की नाप ही नहीं है — कोई नाप ही नहीं सकता कि कौन सा दंड दिया जाएगा। भावनाओं को तो ठेस पहुंचाना नहीं चाहिए। अगर व्यक्ति आपसे ईमानदारी कर रहा है, तो आप उसके साथ ईमानदार रहिए; और वो खुलकर बात कर रहा है, तो आप भी खुलकर अपनी बात रखिए। आप कुछ भी बोलोगे, कुछ भी करोगे, सब सामने आएगा — आज नहीं तो कल भेद खुलने वाला है।

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