प्रश्नोत्तर P15-0060 · भाग 15
क्या संसार और शास्त्रों के सहारे, बिना जीवित गुरु के, आत्मज्ञान नहीं हो सकता?
अगर स्कूल से शिक्षक हटा दिया जाए और गाइड दे दी जाए, तो बच्चे पढ़ सकते हैं? कभी नहीं, एक जीवंत शिक्षक की जरूरत होती है। वैसे ही जीवंत गुरु की जरूरत होती है — भले आप उसे गुरु करें या ना करें, वो बात अलग है, उसे सुनना तो पड़ेगा, उसके साथ रह भी लेंगे। अपने को देखने के लिए शीशा तो चाहिए, वो शीशा आपका हो या किसी का; गुरु दर्पण है। गुरु ज्ञान का प्रतीक है; ज्ञान लेके आगे बढ़ो, ज्ञान आगे बढ़ाएगा, दीक्षा तो आगे बढ़ाएगी नहीं, एक मानसिक बंधन हो जाता है। तो मानसिक बंधन भी क्यों? ज्ञान ही चाहिए ना, ऐसे लो।
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वीडियो: इतनी पूजा पाठ भक्ति करते हैं लेकिन दुख क्यों आते हैं ? #प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #आध्यात्म · 2026-08-10