आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P15-0140 · भाग 15

अंदर का आकाश और बाहर के आकाश में क्या अंतर है?

कुछ नहीं। स्पेस को, खाली जगह को आकाश तत्व बोला जाता है। ज्यादातर लोग आकाश को शून्य बोलते हैं, लेकिन शून्य का तो एक दायरा है — आपने खींच दिया, चाहे जितना छोटा, चाहे जितना बड़ा; शून्य का मतलब मुझे दायरे का पता है, तभी शून्य बोल सकते हैं। खाली जगह इतनी भी हो सकती है, इतनी भी; उसका कोई दायरा ही नहीं, अनलिमिटेड। कितना खाली है, पता नहीं — यहां तक कि शरीर में भी कितना स्पेस है, कोई नाप सकता है? किसी के बस की बात नहीं। तो उसे शून्य नहीं बोल सकते; खाली जगह को आकाश तत्व कहते हैं। ऐसे ही लोगों ने हमें भटका दिया है।

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वीडियो: हमारी स्मृतियां कब संस्कार बनती हैं ?#प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #साधना #आध्यात्म · 2026-08-11