प्रश्नोत्तर P16-0029 · भाग 16
गुरुदेव, फिर यहां पे हम लोगों का सत्कर्म कैसे बन रहा है? आप कहते हैं यहां रहना ही साधना है — सिर्फ रहना, यह समझ में नहीं आया।
अगर साधक की जिंदगी जी रहे हो तो बन रहा है — पिछला खत्म हो रहा है, परिवर्तनशील संसार है। अपने आत्मिक कल्याण के लिए काम कर रहे हो, जिसके लिए आए हो, जिसके लिए यह खुला है, अगर वह कर रहे हो तो हो रहा है। रहना मतलब — आप में बदलाव हो रहा है या नहीं? मानसिक बदलाव ही तो होगा; शारीरिक बदलाव क्या करोगे — गोरा होना है, बॉडी बनानी है? किस लिए आए थे? शांति के लिए। तो मिल रहा है कि नहीं? यहां से हटने पर फिर बवाल आ जाएगा — तो बवाल को खत्म करो। जहां भी जाओगे बवाल आएगा; पहले बवाल को निपटा दो, फिर जहां भी जाओगे शांति। यहां बवाल थोड़ी आ रहा है, बवाल में हम जा रहे हैं। तो बवाल भी मत करना, शांति बनाए रखना, और यहां के सिस्टम में, नियम में जीना।
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वीडियो: कोई प्रश्न ना होने के बाद कौन सा प्रश्न होना चाहिए ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-16