प्रश्नोत्तर P18-0050 · भाग 18
गुरु जी, क्या नाम जप से कर्म जल्दी भोगने को मिलता है?
प्रार्थना की जा सकती है कि जल्दी से जल्दी भोग दे दो, या "हम आपसे मिलना चाहते हैं" — व्याकुलता दिखाई जा सकती है। नाम जप से प्रार्थना होती है; वह सुनी भी जा सकती है, नहीं भी — सत्कर्म से प्रार्थना सुनी जाती है। मूल है ईमानदारी और सत्कर्म; फिर नाम जप करो या न करो, आपके ऊपर है। अगर ईमानदारी और सत्कर्म नहीं अपनाए, तो कितना भी नाम जप करो, कितनी भी प्रार्थनाएं करो, कोई मतलब नहीं।
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वीडियो: आत्मज्ञान किस स्थिति में होता है ? #aadhyatmik_satsang #livesatsang #yogijikasatsang #pratyakshgyan · 2025-01-03