आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P19-0096 · भाग 19

गुरु जी, गीता पूरी पढ़ी — कृष्ण ने अर्जुन से आखिर में निष्काम कर्म करने को कहा, पर वह जीवन में समझ नहीं आया। निष्काम कर्म क्या है?

निष्काम कर्म करने की कोशिश करोगे तो कभी नहीं होगा। ईमानदारी से सत्कर्म करो — जरूरतमंद की सेवा करो, बस वही निष्काम कर्म है। गीता में कहा गया कि कर्ता और मेरा के भाव से मुक्त हो जाओ, पर कैसे मुक्त होगे, यह उसमें इतने डिटेल में नहीं लिखा। एक व्यक्ति आए थे, बोले 700 श्लोक कंठस्थ हैं, लेकिन मैं दुखी हूं। पढ़ने-सुनने से जानकारी तो इकट्ठी हो जाती है, पर प्रत्यक्ष का मतलब प्रत्यक्ष ही होना चाहिए।

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वीडियो: भगवान और परमात्मा में क्या अंतर है ?#yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-07-19