प्रश्नोत्तर P20-0152 · भाग 20
मैं ईमानदारी से काम करती हूं, पर बॉस बुलाते थे तो डर लगता था कि निकाल न दें — नौकरी में डर कैसे जाए?
वे आपको काम के लिए रखे हैं, आपको नहीं; जब तक उन्हें लाभ है, उनका काम होगा, निकालेंगे ही नहीं, और जिस दिन काम नहीं होगा निकाल देंगे। डरना भी नहीं चाहिए — डर रहे हो, इसका मतलब अपने काम में निपुण नहीं हो। कहा गया है "काम प्यारा है, चाम नहीं" — दूध देने वाली गाय की लात भी लोग सह लेते हैं, पर कितनी भी सुंदर हो, दूध न दे तो छोड़ देते हैं। इसलिए काम के बने रहो; जिस काम के लिए रखा गया है उसमें पूरे निपुण हो, तो कोई नहीं निकालेगा।
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वीडियो: ऐसा क्या करूं, जो तेरी सेवा हो पाए ? #योगीजी_का_सत्संग · 2025-09-02