प्रश्नोत्तर P21-0165 · भाग 21
गुरु जी, देहांत होने के बाद आत्मा रहती है या नहीं — या देह के साथ वो भी मरती है?
रूप का नाश होता है — देह का भी नाश नहीं होता, वो परिवर्तनशील है। क्या आपको लगता है कि एक कण का भी नाश किया जा सकता है? रूपांतरित किया जा सकता है, नाश नहीं। तो चाहे मैं शरीर हूं, चाहे आत्मा — मेरा कभी नाश नहीं हो सकता, परिवर्तन हो सकता है। शरीर होऊंगा तो पांच तत्व में विलीन हो जाऊंगा। तो मैं अपने आप को इतना पवित्र कर लूं कि भविष्य में मैं जहां भी बिखरूं, अगर कोई मुझे छुए तो उसे सुकून मिले; इतना अपने आप को अशुद्ध ना कर दूं कि कोई छुए तो घुटन हो। नदी के पास बैठते हैं तो बड़ा सुकून मिलता है, गटर के पास बैठते हैं तो घुटन — तो अपने आप को गटर ना बनाओ। रूप पहले नहीं था, बाद में नहीं रहेगा; रूप का नाश होगा, पर उसके पीछे तत्व का कभी नाश नहीं होगा — मैं था, हूं और रहूंगा। तो देखो जहां थे वहां कैसे थे, अभी यहां कैसे हो, और आगे जहां जाओगे उसके लिए क्या प्लानिंग है।
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वीडियो: मैं कहां हूं ? कर्नाटक कलबुरगी में पुनः सत्संग 5 जुलाई 2026 #योगी · 2026-07-06