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प्रश्नोत्तर P21-0164 · भाग 21

गुरु जी, एक प्रोफेसर बहुत सत्कर्म करते थे, 30 साल तक बिस्तर पर पड़े अपने परिवार-जन की सेवा भी की, लेकिन उन्होंने 30 साल तक इतने कष्ट झेले और उनका देहांत हो गया। इससे मुझे लग रहा है कि भगवान है या नहीं? क्या सत्कर्म करने वालों की ये परीक्षा है? मैं बहुत कंफ्यूज हूं।

आपने रामकृष्ण परमहंस के बारे में पढ़ा होगा — वो उस परम स्थिति में थे, फिर भी कैंसर भोग के गए। शिष्यों ने स्वामी विवेकानंद से कहा कि तुम सीधा मां से बात करते हो, मां से बोलो कि इस कैंसर को ठीक करें। मां ने कहा कि कैंसर को तो मैं ठीक कर सकती हूं, लेकिन इसका भोग लेने के लिए फिर इसे जन्म लेना पड़ेगा; ये कैंसर का भोग भोग लेता है तो इसे मोक्ष हो जाएगा। कहने का मतलब — जब हम सत्कर्म की तरफ चलते हैं तो मेरे किए गए कर्मों का परिणाम बड़ी तेजी से आने लगता है, क्योंकि मैं मुक्त होने जा रहा हूं; बिना कर्मों का परिणाम भोगे मैं जा नहीं सकता — चाहे लेन हो चाहे देन, जब तक दोनों जीवन से खत्म नहीं होंगे, मोक्ष नहीं होगा। वो उनके कर्मों की तकलीफ है — आपको अभी ये दिख रहा है कि उन्होंने अच्छा कर्म किया; रामकृष्ण परमहंस ने इस जन्म में कौन सा बुरा कर्म किया था? भीष्म पितामह ने कृष्ण से पूछा कि मैं तो त्याग की मूर्ति हूं, मेरे साथ ऐसा क्यों — तो कितने जन्म पीछे का दिखाया। यहां ना कोई भगवान ना कोई परमात्मा — जैसा मैंने किया वैसा परिणाम मैं भोग रहा हूं। पिछले जन्म का पता करने की जरूरत ही नहीं; भीष्म ने पता कर लिया तो क्या उन्हें ज्ञान हुआ? रामकृष्ण समझ गए थे कि ये मेरे ही कर्मों का परिणाम है। आपको लगता है बुरे लोगों को अच्छा मिलता है — पर जो गलत छोड़ रहा है, उसके साथ वाले सब उसके शत्रु हो जाएंगे, प्रॉब्लम उसी के जीवन में होगी। जैसे दो अपराधी — एक ने समर्पण कर दिया, एक भाग गया; भागने वाला मौज करेगा जब तक पकड़ा नहीं जाता, और समर्पण वाले की सजा माफ नहीं होगी, कम होगी, भोगनी पड़ेगी — तकलीफ उसी को दिखेगी; पर उसकी सजा कट के खत्म हो रही है और भागने वाले की बढ़ती जा रही है। ये दृष्टिकोण आपको बदलना पड़ेगा। एक बेईमान आदमी का जीवन पूरी जिंदगी डर में चला जाता है — चाहे अरबपति क्यों ना हो, वो चैन से एक रात भी नहीं सो पाता। मैं ही कर्ता, मैं ही धर्ता — मेरे कर्मों का हिसाब मुझे देना ही पड़ेगा।

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वीडियो: मैं कहां हूं ? कर्नाटक कलबुरगी में पुनः सत्संग 5 जुलाई 2026 #योगी · 2026-07-06