प्रश्नोत्तर P21-0173 · भाग 21
गुरु जी, मेरे घर में परमिशन नहीं है — मेरी मां और मेरे हस्बैंड अपनों की कुटिया आने की परमिशन नहीं देते। मैं क्या करूं?
सात दिन के लिए तो परमिशन लो। बीमार होने पे आदमी हॉस्पिटल में कैसे एडमिट हो जाता है? वैसे ही एक हफ्ते के लिए परमिशन लो कि मुझे जाने दो। आप चाहेंगी तो बड़े आराम से परमिशन देंगे — आप ही नहीं चाहतीं। और अगर नहीं देगा तो ऐसे परिवार के साथ क्यों रहना? हम कोई गलत काम करने तो जा नहीं रहे — "आप मेरे साथ चलो, मेरे आत्मिक कल्याण में सहयोग करो; साथ नहीं जा सकते तो मुझे जाने दो।" आप जाना चाहोगी तो दुनिया की कोई ताकत आपको रोक नहीं सकती। आदमी की इच्छा पानी की तरह है — पानी, हवा, आग को कोई रोक सकता है? सबको तोड़ देंगे; अगर रुक गया तो मतलब पानी में ही ताकत नहीं। वैसे ही आदमी के अंदर वो ताकत है। कम से कम सात दिन का समय जिंदगी में अपने लिए दीजिए — वहां मोबाइल स्विच ऑफ, सारी व्यवस्था निशुल्क है, कोई बड़ा-छोटा नहीं; वहां जंगल है, गेट नहीं, फिर भी जितनी स्त्रियां आईं, घर से भी ज्यादा सुरक्षित समझती हैं।
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वीडियो: मैं कहां हूं ? कर्नाटक कलबुरगी में पुनः सत्संग 5 जुलाई 2026 #योगी · 2026-07-06